Saturday, 21 December 2013

कम्प्युटराइज्ड चुदाई - HINDI SEX STORIES

कम्प्युटराइज्ड चुदाई 
प्रेषक : गुमनाम
नमस्कार दोस्तों..फिर से हाज़िर है आपका ये दोस्त इंडियन सेक्स की एक और लाजवाब चोदन कथा के साथ…चूत का मज़ा चाहे जहां मिले ले लो…
अपना तो यही फंडा है.तो आज मैं आपको कहानी सुनाता हूँ एक कम्प्युटराइज्ड चुदाई की..उम्मीद है पसंद आयेगी.मुझे याद हे ये पिछले साल की बात हे
शाम हो रही थी. में
अपने साइबर कैफे पर अकेला था और तभी एक सुंदर सी लड़की आई उसने अपना नाम प्रिया बताया.वो मेरे सामने के कंप्यूटर पर
बैठी थी वो बला की खुबसूरत लग रही थी उसने शार्ट शर्ट और लो वेस्ट जींस पहनी थी दोस्तों उसका क्या फिगर था ३६ २६ ३६ एकदम उभरे हुए निप्पल थे उसके उसने मुझे कम्प्यूटर ख़राब होने का बहाना बना के अपने पास बुलाया मैं ने जाकार देखा तो बिल्कुल सही चल रहा था मगर फिर भी  वो बार बार
मुझे बुला रही थी.जेसे ही में उसके बाजू में बैठा कि उसने पहले नीचे से अपने पैर को मेरे पैर पर रखा और धीरे धीरे उसको सहलाने लगी में एकदम दंग रह
गया मुझे कुछ समझ में नही आ रहा था की मैं क्या करू फ़िर तो उसने धीरे धीरे मेरे लंड पर अपना हाथ रख दिया मैने वहा से जाने की कोशिश की तो उसने
मना किया और मेरा हाथ खीच लिया और कहने लगी की मेहरबानी करके मुझे अकेला मत छोड़ो मुझे तुम बहुत अच्छे लगते हो मैने कहा ये क्या बात हे
अभी तो हम पूरी तरह से एक दूसरे को जानते भी नही हे और तुम मेरे से ये सब कर रही हो और आगे में कुछ बोलू इससे पहले तो उसने मुझे किस कर
दिया और मेरे मुह में अपनी जबान डाल दी बस फ़िर क्या था में भी तो आख़िर इन्सान ही हूँ में भी उसे अच्छे से किस करने लगावो मेरी जुबान को चूस रही थी और में उसकी तभी मैने अपना एक हाथ उसके बूब्स पर रख दिया तो उसने कुछ नही बोला बल्कि उसने मेरा दूसरा हाथ पकड़ के उसकी गांड पे
लगा दिया और जोर जोर से बोलने लगी ओह आज मौका है,, मुझे प्यार करो.. मगर मैं डर रहा था की कही कैफे पर कोई और कस्टमर आ न जाए सो मैने
उसे वही पे रोका और उसको बोला की हम कही अकेले में आराम से मिलकर एन्जॉय करेंगे उसने कहा ठीक हे तो में इस सन्डे को सुबह ६ बजे तुम्हारे कैफे
पर आउंगी उसने बोला मगर मैने कहा इतनी सुबह क्यों भला उसने कहा सुबह सुबह का मजा ही कुछ और आएगा वेसे भी में घर से सुबह वाक के लिए
निकलती हू सो घर पे सब को पता हे और ६ बजे थोड़ा सा अँधेरा भी होगा क्यूकि सर्दी का मोसम था उसने कहा की तुम्हे कोई प्रॉब्लम तो नही हे ना मेने
सोचा और अपने आप से कहा एसा मोका फ़िर नही मिलेगा मेने कहा थी हे फ़िर उसने मुझे एक किस की और निकल गई..२ दिन बाद सन्डे था में सुबहे सुबहे जल्दी उठा फ्रेश हुआ और फुल स्पीड से कैफे पहुंचा और मेने अन्दर सब ठीक किया थोड़ा रूम फ्रेशनर भी लगा दिया और तभी वो आई और आते ही मुझसे
लिपट गई मेने कहा एक मिनिट दरवाजा तो बंद करने दो फ़िर मेने दरवाजा बंद किया और वो सीधे आके मुझसे लिपट गई फ़िर क्या था वो जोगिंग के
कपड़ों में आई  थी खुले लंबे बाल हम दोनों ने करीब १० मिनिट तक किस किया और एक बार तो उसने मुझे काटा भी मगर मेने कुछ नही कहा उसे
वो कभी गरम हो रही थी मेने उसकी जिप खोली तो उसने अन्दर पिंक कलर की ब्रा पहनी थी जेसे ही मेने बूब्स प्रेस किया वो सिसकिया लेने लगी आहा जोर
से और जोर से उसके बूब्स काफी नरम थे फ़िर मेने ब्रा भी निकली और उसका एक निप्पल मुह में ले लिया बदले में उसने मेरी गांड पे जोर से दबाया और
कहा आ मेरे राजा और चूस इसको..फ़िर मैं चूमता हुवा उसके पेट तक आया और बाद मे मैने उसकी जींस और पेंटी को भी उतार फेका तभी उसने कहा के एक मिनिट फ़िर उसने मेरे सारे कपड़े निकाले और मुझे हर जगह पागलो की तरह चूमने लगी और एक दो बार मैने निप्पल को भी काटा और वो नीचे आके
तुंरत ही मेरा लंड अपने मुह में लेने लगी और मैं अपने होश खो बेठा मानों में किसी स्वर्ग में हू मैने कहा रही अब मत तड़पाओ अकेली अकेली मजा मत लो मुझे
भी चाहिए वो तुंरत समझ गई और सोफे पे लेट गई और मुझे अपने ऊपर उल्टा लेटा दिया फ़िर क्या था उसे जो चाहिए था उसे मिल गया और मुझे
जो चाहिए था मुझे ६९ में आ गए यारो क्या चूत थी उसकी लगता था उसने कल ही शेव की हो काफी गरम भी थी मेने तुंरत ही अपनी जुबान निकली और कुते
की तरह चाटने लगा वो भी काफी मजे से मेरा लोडा चूस रही थी करीब १० मिनट बाद मेरा पानी निकला और उसने बड़े आराम से उसे चाट
लिया पूरा का पूरा फ़िर ५ मिनट के बाद उसने फ़िर से मेरे लोड को गरम किया और बोली मेहरबानी करके अब मुझे चोदो मुझसे अब और बर्दास्त नही होतामैने कहा ठीक हे रानी मैने उसकी टांगे चोडी करके अपने कंधे पे लगा दी और अपना लोडा अन्दर किया मगर नही गया और उसे दर्द
भी हो रहा था तो मैने कहा क्या हुआ वो बोली एक मिनिट और फ़िर उसने ढेर सारा थूक निकला मेरे लोडे पर और उसकी चूत पर लगाया और अपने हाथो से
अपनी चूत को चोदा किया और बोली अब आजा मेरे राजा मेने कहा ये ले और एक ही झटके में पूरा का पूरा अन्दर डाल दिया वो चिल्लाने लगी और मैने
कहा चिलाओ मत दर्द बहुत हो रहा हे  एक काम करो अब जल्दी से तुम्हारा लोडा अन्दर बाहर करो मैने वेसे ही कियाथोडी देर में वो गांड उछाल उछाल के
चुदवाने लगी में भी उसके बूब्स को दबा रहा था उसे किस कर रह था थोडी देर के बाद वो बोली के मुझे तुम्हारे ऊपर आना हे मैने कहा ठीक हे में उठा और
सोफे पे लेट ने जा रह था की उसे क्या सूझा और वो मेरी गांड में ऊँगली डाल ने की कोशिश कर रही थी के मैने उसका हाथ पकड़ लिया मैने कहा नही पहले मुझे तुम्हारी गांड मारने देनी होगी वो बोली आज नही फ़िर कभी और मुझे धक्का देके मेरे पर चढ़ गई क्या गजब की बला थी वो मेरे ऊपर क्या मस्त लग
रही थी लंबे बाल और बूब्स हिलते हुए करीब १५ मिनट के बाद मेरा पानी निकल ने वाला था मैने कहा क्या करू उसने कहा अन्दर नही निकलना मुझे पीना हे
तुम्हारा गाढा पानी बहुत मस्त चीज़ हे में ने कहा ठीक हे और वो उठ कर मेरा लोडा मुह में ले लिया और सारा पानी पी लिया फ़िर हम लोगो ने करीब आधे
घंटे तक एक दूसरे को चूमा सहलया और उसने वादा भी किया के वो मुझे अपनी गांड मारने देगी.दोस्तों ,वो दिन था और आज का दिन है,,मेरे कैफे में मैं
अक्सर उसकी चुदाई करता हूँ ..मज़ा आ जाता है..ये कहानी कैसी लगी आपको,,बताना मत भूलना.. तब तक के लिए खुश रहिये , मुस्कुराते रहिये और चोदते
रहिये…Nonvegfun.com
 धन्यवाद

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